Breaking News

डीजीपी भूपेन्द्र सिंह ने साँझा किए अपने जीवन अनुभव

DGP-Bhupendra-Singh-shared-his-life-experiences
Alert100 मई 7, 2020

चूरू पुलिस: फिल्मस्थान और संप्रीति संस्थान की ओर से आयोजित फ़ेसबुक ऑनलाइन लाइव चैट में आज डीजीपी भूपेन्द्र सिंह ने जुड़कर जनता द्वारा पुछे सवालों के जबाव दिये। कोरोना के समय चूरू की जनता से धैर्य के साथ लॉकडाउन की पालना की अपील करते हुये कहा मेरे जीवनकाल में पहली बार स्थिति बनी है कि पुलिस और जनता एक साथ मिलकर कोरोना के खिलाफ लड़ रहे है। जनता की सेवा करते हुए पुलिस तनाव में नहीं आती लेकिन लगातार काम करते हुये पुलिसकर्मियों के शरीर में थकान ज़रूर हो जाती है। कोरोना के समय पुलिस को जनता का अपार स्नेह मिला है इसके लिए प्रदेश की जनता का आभारी हूँ। डीजीपी ने चूरू की जनता के सवालों का जबाव देते हुये अपने जीवनकाल के अनुभव को बताया। डीजीपी ने कहा कि एमबीबीएस ओर एमडी की डिग्री हासिल करने के बाद कुछ समय तक प्रदेश में बतौर चिकित्सक सेवाएँ दी।उन्होंने बताया कि आज अनुभव के आधार पर कह सकता हूँ कि चिकित्सकों सहित पैरामेडिकल व नर्सिग स्टॉफ का काम भी अति महत्वपूर्ण होता है। मैं उनके जज़्बे को सलाम करता हूं। डीजीपी ने बताया कि मेरी 93-94 में पोस्टिग चूरू में थी. वहां ही छोटे बेटे का जन्म हुआ। चूरू में रहने के दौरान ही मंदिर शिल्प व स्थापत्य कला के बारे में जानकारी मिली। डीजीपी ने आम नागरिकों से दार्शनिक स्वरूप के चलते कहा कि कोरोना काल की समाप्ति के साथ ही ऐसी आशंकाएँ है कि अर्थव्यवस्था पर ख़ासा असर होगा और बेरोज़गारी बढ़ेगी ऐसे में अपराधों की संख्या बढ़ सकती है लेकिन अल्पकालिक है। राज्य सरकार ऐसी नीति बनाने में जुटी है जिससे युवाओं को रोज़गार के अवसर मिल सकें। डीजीपी ने कहा कि सेवा और कर्म के रास्ते पर चलकर ही जीवन को गति मिलती है और व्यक्ति की राहें आसान होती है।   डीजीपी ने इस दौरान एसपी चूरू तेजस्वनी गौतम की तारीफ की जनता से कहा कि जनता खुद चूरू जिला पुलिस के काम का आकलन करें और उन्हें नंबर दे।

लिंक पर क्लिक करें, और पढ़ें बड़ी खबरें :

जयपुर पुलिस का लॉकडाउन की पलना पर पैदल मार्च

लॉकडाउन 3.0 शुरू हुआ है, हटा नहीं है, गलती ना करें

लॉकडाउन और कोरोना के बीच बुजुर्गों के लिए झारखंड डीजीपी बने मसीहा

ALERT 100 Digital TV

subscribe now