लॉकडाउन 3.0 शुरू हुआ है, हटा नहीं है, गलती ना करें

जयपुर. लॉकडाउन 3.0 पर अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस अपराध बीएल सोनी बता रहे हैं कैसे रहें सावधान, क्योंकि लॉकडाउन हटा नहीं है यह लॉकडाउन का एक नया चरण है. आमजन से अपील की है कि वे कोरोना योद्धाओं का सम्मान करें. साथ ही लॉकडाउन के नियमों की पालना कर घर पर रहें. बहुत जरूरी हो तो परमिशन लेकर, मास्क लगाकर बाहर निकले ओर सोशल डिस्टेंसिंग की पालना करें.
लॉकडाउन 3.0 में क्या खास है, लोग कहते हैं नियम तोड़े तो जेल हो जाएगी?
यह लॉकडाउन का नया चरण शुरू हुआ है, हटा नहीं है.
लॉकडाउन 3.0 में अलग अलग 3 तरह के जोनों में कुछ आवश्यक गतिविधियों के लिये छूट दी गई है. इस दौरान लॉकडाउन या कर्फ्यू के नियमों का पालन करना अनिवार्य है
. राज्य सरकार ने आपदा प्रबंधन एक्ट के तहत अध्यादेश जारी कर अनिवार्य रूप से मास्क पहनने, सोशल डिस्टनसिंग की पालना करने , सर्वाधिक स्थानों पर थूकने से बचने, 5 से अधिक व्यक्तियों के एक जगह इकट्ठे नही होने, शादी समारोह या इस प्रकार की गतिविधि बिना अनुमति नही करने आदि के संबंध में विस्तृत निर्देश जारी किये है. इन निर्देशो की अवहेलना करने पर जुर्माने के साथ साथ जेल भी हो सकती है.
कोरोना वारियर्स पर लगातार हमले हो रहे हैं, उस पर क्या रणनीति है?
कोविड-19 के योद्धाओं डॉक्टर्स, नर्सेज, पैरामेडिकल स्टॉफ, आशा सहयोगिनी, पुलिस एवं अन्य कोरोना वारियर्स पर कर्तव्य निर्वहन के दौरान हमले के मामलों में पुलिस अत्यंत गंभीर है. भारत सरकार ने एक अध्यादेश जारी कर कोरोना वॉरियर्स पर हमला करना एक गम्भीर प्रकृति का अपराध बनाया है. हम पहले ही राजस्थान में करीब 12 हजार व्यक्तियों को सीआरपीसी के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार कर चुके हैं आगे भी सख्ती जारी रहेगी. आमजन कोरोना योद्धाओं का सम्मान करें जो इस वक्त अपनी जान की बाजी लगाकर देश सेवा में जुटे हैं.
और जो लोग लॉकडाउन का उल्लंघन कर रहे हैं उनका क्या?
ऐसे लोग पुलिस की नजर से बच नहीं पाएंगे. लॉकडाउन के नियमों के उल्लंघन के करीब 2100 मुकदमे पहले ही दर्ज कर 4 हजार 572 व्यक्तियों के खिलाफ आपदा प्रबंधन, महामारी अधिनियम व आईपीसी की धाराओं में कार्रवाई की गई है. इस दौरान अकारण घूमते पाये गये 2 लाख 42 हजार से वाहनों का एमवी एक्ट के तहत चालान कर 1 लाख 18 हजार वाहनों को जब्त किया गया और 4 करोड़ रुपये से अधिक जुर्माना वसूल किया गया है. उल्लंघन करने वाले कोई गलतफहमी नहीं पाले पुलिस सख्त है, और पैनी नजर रखे हुए है.
सोशल मीडिया का कई लोग दुरुपयोग कर रहे हैं, गलत अफवाहें फैला रहे हैं, उस पर क्या कर रही है पुलिस?
सोशल मीडिया के दुरुपयोग के मामले में राज्य स्तर और पुलिस विभाग अत्यंत गंभीर है. इसके लिये राजस्थान पुलिस की एक टीम लगातार सोशल मीडिया पर नजर बनाए हुए है. पुलिस ने सोशल मीडिया के दुरुपयोग में प्रभावी कार्रवाई करते हुए अब तक 187 मुकदमे दर्ज कर 266 लोगों के खिलाफ अभियोग दर्ज किया है. इसके लिए स्पेशल टीम दिन रात ऐसे सोशल मीडिया के अपराधियों पर नजर रखे हुए हैं, धार्मिक भावनाएं भड़काने वालों की खैर नहीं. यह राजस्थान पुलिस है जो अब हर तकनीक से लेस है कोई मुगालते में ना रहे कि वो गलती करके बच जाएंगे.
कालाबाजारी कर कुछ लोग इस संकट के दौर का गलत फायदा उठाने में लगे हैं उनको लेकर पुलिस कैसे काम कर रही है?
कालाबाजारी करने वाले लोगों को हम फिर चेतावनी दे रहे हैं कि वो अपनी हरकतों से बाज आएं, संकट के इस दौर में अपनी सकारात्मक भूमिका निभाएं. पुलिस की पैनी नजर है. लॉकडाउन के दौरान कालाबाजारी करते पाये गये दुकानदारों के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत 114 मुकदमे दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है.