गुजरात: थम नहीं रही पुलिस पर पत्थराव की घटनाएं, अब दाहोद में प्रवासी मजदूरों ने पुलिस पर किया पथराव

कोरोना वॉरियर्स को देश ने दी आसमान से सलामी, कश्मीर से कन्याकुमारी तक फ्लाई पास्टगुजरात/ राजस्थान. लॉकडाउन के बीच कोरोना वारियर्स के रूप में अपनी सेवाएं देने वाले पुलिस के साथ मारपीट और पत्थराव की घटनाएं थमनें का नाम नहीं ले रही हैं, बावजूद इसके पुलिस के जवान पूरे जी जान से अपनी सेवाएं दे रहे हैं. ताजा मामला गुजरात के दाहोद का है. जहां लॉकडाउन में फंसे प्रवासी मजदूरों ने पुलिस और उनकी गाड़ियों पर पत्थरबाजी की. गृह मंत्रालय की तरफ से निर्देश दिया गया है कि जो भी मजदूर दूसरे राज्यों में फंसे हैं, उन्हें राज्य सरकार की सहमति से वापस भेज दिया जाए. इसी तरह की सूचना के बाद सैकड़ों मजदूर सड़क पर आ गए.
मजदूर, केंद्र सरकार के इस निर्देश के बाद जल्द से जल्द अपने घर लौटना चाह रहे हैं. मजदूर अपने बैग और पानी की बोतल लेकर पूरी तैयारी के साथ सड़क पर निकले और जब उन्हें लगा कि उनके जाने में बाधा उत्पन्न हो रही है तो इस घटना को अंजाम दिया. हालांकि पुलिस मजदूरों द्वारा पत्थरबाजी की बात से इनकार कर रही है. उनका कहना है कि कुछ असामाजिक तत्वों ने उनके ऊपर पत्थरबाजी की है. लगभग 40 लोगों को हिरासत में लिया गया है.
दाहोद एसपी के मुताबिक कुछ असामाजिक तत्वों ने पत्थरों से हमला किया जिसमें पुलिस की कुछ गाड़ियां भी क्षतिग्रस्त हो गई. लेकिन ज्यादा नुकसान नहीं हुआ. केस दर्ज किए जा रहे हैं, फिलहाल 40 लोगों को हिरासत में लिया गया है.
राजस्थान में भी पुलिस पर पथराव
इससे पहले गुरुवार को भी राजस्थान के नागौर स्थित अंबुजा सीमेंट कंपनी के प्लांट के सैकड़ों मजदूरों ने हंगामा किया था. दरअसल, यह मजदूर घर जाने की मांग कर रहे थे. संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो मजदूर उग्र हो गए.
लॉकडाउन के कारण ये मजदूर फैक्ट्री में ही फंसे हुए हैं और पिछले कई दिनों से इन मजदूरों द्वारा घर वापसी की मांग की जा रही है. 3 मई के बाद एक बार फिर से लॉकडाउन बढ़ने की संभावना को देखते हुए मजदूरों का आक्रोश फूट पड़ा.
गुस्साए मजदूरों ने समझा रहे पुलिसकर्मियों व सुरक्षाकर्मियों पर पत्थरबाजी कर दी, जिससे एक बार अफरा-तफरी व भगदड़ मच गई. कई पुलिस कर्मियों व सुरक्षा कर्मियों को चोटें भी आई हैं. पत्थरबाजी में कई वाहन भी क्षतिग्रस्त हुए हैं. घटना की गंभीरता को देखते हुए आसपास के चार थानों की पुलिस को तैनात किया गया.